वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। इसी कारण उनकी नियमित पदयात्रा और एकांतिक दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। भक्तों में निराशा का माहौल है और सभी उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रमुख अपडेट
- स्वास्थ्य स्थिति: प्रेमानंद महाराज पिछले 21 वर्षों से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उनकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी है।
- पदयात्रा स्थगित: रोजाना रात 3 बजे होने वाली केली कुंज आश्रम से सौभरी वन तक की पदयात्रा अब अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है।
- दर्शन बंद: भक्तों के लिए एकांतिक दर्शन और वार्ता भी रोक दी गई है।
- भक्तों की प्रतिक्रिया: हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन शिष्यों ने लाउडस्पीकर से जानकारी दी कि महाराज जी अस्वस्थ हैं। भक्तों से भीड़ न लगाने की अपील की गई।
पृष्ठभूमि
- जन्मस्थान: कानपुर जिले की नरवल तहसील के अखरी गांव में जन्म। बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था।
- आध्यात्मिक जीवन: 13 वर्ष की उम्र में घर छोड़कर अध्यात्म की ओर रुख किया।
- दैनिक दिनचर्या: सामान्य दिनों में महाराज जी रोजाना डेढ़ किलोमीटर पैदल यात्रा करते थे।
- भक्तों की संख्या: रोजाना लगभग 20,000 भक्त दर्शन के लिए आते हैं, जबकि सप्ताहांत और पर्वों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है।
भक्तों की भावनाएँ
- निराशा और प्रार्थना: भक्तों ने राधा रानी से महाराज जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
- VIP अनुयायी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विराट कोहली जैसे नामचीन लोग भी हाल ही में उनके दर्शन कर चुके हैं।
सारांश
प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ने से वृंदावन में भक्तों में गहरी मायूसी है। उनकी पदयात्रा और दर्शन फिलहाल बंद हैं। आश्रम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महाराज जी के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद ही भक्तों को पुनः दर्शन का अवसर मिलेगा।











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