सीनियर वकील और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण के एक बयान ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया और पॉलिटिकल बहसों में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने घुसपैठियों के वोटिंग अधिकार की वकालत की,
हालांकि मौजूद रिपोर्ट्स बताती हैं कि उनका फोकस मुख्य रूप से वोटर लिस्ट, SIR प्रोसेस और कथित वोटर डिलीट पर था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूषण ने इलेक्शन कमीशन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि SIR समाज के कुछ खास तबकों को चुनकर बाहर कर रहा है और वोटर लिस्ट की ट्रांसपेरेंसी पर गंभीर सवाल हैं।
आतंकियों का वकील चाहता है कि घुसपैठियों को भी वोटिंग राइट मिले
— Kap (@kapil73vats) May 28, 2026
सुप्रीम कोर्ट की चू-पंती की वजह से ऐसे कीड़े बाहर आजाद घूम रहे https://t.co/V7R18V6VPi











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