NEET पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा: सीबीआई ने शिक्षक के बयान दर्ज किए, लापरवाही पर सब-इंस्पेक्टर लाइन हाजिर

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही Central Bureau of Investigation (CBI) की टीम ने राजस्थान के सीकर में शिक्षक शशिकांत सुथार से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। इस बीच शिकायत दर्ज न करने के आरोप में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई हुई है।

दो दिन तक सीकर में डटी रही CBI टीम

सीबीआई टीम शुक्रवार और शनिवार को लगातार दो दिन सीकर में रही। शशिकांत सुथार, जो एक निजी कोचिंग संस्थान में केमिस्ट्री पढ़ाते हैं, ने जांच एजेंसी को अहम सबूत सौंपे हैं। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद ही उन्हें पेपर लीक होने की जानकारी मिल गई थी।

वायरल पेपर से खुला राज

शशिकांत के अनुसार, 3 मई को उनके मकान मालिक ने उन्हें एक “गेस पेपर” दिखाया था, जो बाद में असली लीक पेपर निकला। जब इस पेपर का मिलान आधिकारिक प्रश्नपत्र से किया गया, तो केमिस्ट्री के 45 सवाल और बायोलॉजी के करीब 90 सवाल हूबहू पाए गए। इसके बाद उन्होंने छात्रों और साथी शिक्षकों के साथ मिलकर दो दिन तक सबूत जुटाए।

लाखों में बिका पेपर, कई लोग शामिल

जांच में सामने आया कि सीकर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े छात्र ऋषि बिंवाल ने यह पेपर 2 से 10 लाख रुपये में बेचा। आरोप है कि उसने पेपर करियर काउंसलर राकेश को दिया, जिसने ई-मित्र के जरिए उसकी कॉपी कर कई छात्रों को बेच दिया।

शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई

शशिकांत ने 6 मई को National Testing Agency और केंद्रीय गृह मंत्रालय को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी। उसी रात वे सीकर के उद्योग नगर थाने पहुंचे, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद सब-इंस्पेक्टर प्रभूसिंह ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया।

बाद में केंद्रीय एजेंसियों के निर्देश पर राजस्थान एसओजी ने मामले में कार्रवाई शुरू की। अब सीकर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक ने संबंधित सब-इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है।

मेडिकल छात्राएं अचानक लापता

मामले में गिरफ्तार आरोपियों के परिवार से जुड़ी दो मेडिकल छात्राएं—पलक बिंवाल (SMS Medical College) और प्रगति बिंवाल (दौसा मेडिकल कॉलेज)—अचानक हॉस्टल से गायब हो गई हैं। दोनों 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेज में चयनित हुई थीं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, पेपर लीक मामला सामने आने के बाद से ही उनका कोई पता नहीं है।

जांच जारी, बड़े खुलासों की उम्मीद

सीबीआई अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है—कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे और पेपर लीक का दायरा कितना बड़ा है। शुरुआती जांच में संगठित रैकेट के संकेत मिले हैं, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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